वर्दी के भीतर कैद आदमी
– पूर्णेन्दु पुष्पेश बताते चलूँ कि मैं एक सरकारी विभाग में कार्यरत हूँ; वह भी ऐसा विभाग जहाँ काम कम और “काम का दबाव”…
अपराध, अन्याय और भ्रष्टाचार का उद्घटन
– पूर्णेन्दु पुष्पेश बताते चलूँ कि मैं एक सरकारी विभाग में कार्यरत हूँ; वह भी ऐसा विभाग जहाँ काम कम और “काम का दबाव”…
– पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ भाई, बुरा लगे तो इसे बस एक हास-परिहास समझ लीजिएगा। वैसे बात में बिल्कुल सच्चाई नहीं है—ऐसा भी नहीं…