पुलिस को मजबूत किए बिना मजबूत भारत की कल्पना अधूरी

– editorial by Purnendu Pusshpesh भारत को विकसित और सुरक्षित राष्ट्र बनाना है तो पुलिस को केवल कानून लागू करने वाली ताकत के रूप…

डिजिटल पत्रकारिता या डिजिटल उगाही? अब कानून को फैसला करना होगा

संपादकीय : पूर्णेन्दु पुष्पेश लोकतंत्र का चौथा स्तंभ केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही का सबसे बड़ा दायित्व भी है।…

Web Journalists Association of India के 7 वर्ष पूरे, बिना शिकायत के स्थापित की जिम्मेदार डिजिटल पत्रकारिता की मिसाल

डिजिटल मीडिया एथिक्स 2021 के तहत SRB व्यवस्था सफल, WJAI से जुड़े पोर्टलों पर 7 वर्षों में शून्य शिकायत RANCHI : डिजिटल पत्रकारिता के…

पुलिस और पत्रकार – राष्ट्रीय पर्वों पर एक अदृश्य दूरी

– पूर्णेन्दु सिन्हा ‘पुष्पेश ‘ भाई, बुरा लगे तो इसे बस एक हास-परिहास समझ लीजिएगा। वैसे बात में बिल्कुल सच्चाई नहीं है—ऐसा भी नहीं…

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