धनबाद: अपराध नियंत्रण, अपराधियों की निगरानी तथा जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से धनबाद पुलिस ने गुरुवार को पुलिस लाइन में 785 चिन्हित दागी व्यक्तियों की सामूहिक परेड कराई। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम को झारखंड में अपनी तरह की पहली बड़ी पहल बताया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आगे भी समय-समय पर इस प्रकार की परेड आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक ऋतविक श्रीवास्तव, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एस. मोहम्मद याकूब, जिले के सभी डीएसपी, एसडीपीओ, इंस्पेक्टर तथा थाना प्रभारी मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परेड में शामिल अधिकांश व्यक्ति विभिन्न आपराधिक मामलों में आरोपित हैं या पूर्व में जेल जा चुके हैं। इस अभियान का उद्देश्य उनकी वर्तमान गतिविधियों का सत्यापन करना, अद्यतन जानकारी पुलिस अभिलेखों में दर्ज करना तथा भविष्य में अपराध की पुनरावृत्ति रोकना है।
एसएसपी प्रभात कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजना नहीं, बल्कि अपराध को जन्म लेने से पहले रोकना भी है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी गलतियों को सुधारने और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अपराध का रास्ता छोड़कर सामान्य नागरिक की तरह जीवन व्यतीत करता है तो धनबाद पुलिस उसका पूरा सहयोग करेगी।
उन्होंने सभी चिन्हित व्यक्तियों से अपराध और असामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाकर अपने परिवार, बच्चों और समाज के बेहतर भविष्य के लिए कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपराध का रास्ता अंततः बर्बादी की ओर ले जाता है, जबकि मेहनत और ईमानदारी से अर्जित सम्मान जीवनभर साथ रहता है।
एसएसपी ने घोषणा की कि जिन लोगों का आचरण अच्छा रहेगा और जो लंबे समय तक किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगे, उनका नाम दागी सूची से हटाने पर विचार किया जाएगा। वहीं, जिन लोगों का नाम किसी मामले में गलत कारणों से दर्ज हुआ है और उनका अपराध से कोई संबंध नहीं है, उन्हें अपनी बेगुनाही साबित करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि कोई व्यक्ति दोबारा अपराध की दुनिया में लौटता है तो उसके विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि धनबाद पुलिस अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर सभी 785 दागी व्यक्तियों को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई कि वे भविष्य में किसी भी प्रकार के अपराध, गैर-सामाजिक गतिविधि अथवा कानून-विरोधी कार्य में शामिल नहीं होंगे तथा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में अपनी पहचान बनाएंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करेंगे।
परेड के बाद सभी चिन्हित व्यक्तियों की फोटोग्राफी एवं पहचान संबंधी विवरण अद्यतन किए गए। इन आंकड़ों के आधार पर थाना स्तर पर नई दागी सूची तैयार की जा रही है, ताकि उनकी गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जा सके। पुलिस का मानना है कि इस पहल से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, अपराधियों की सतत निगरानी और जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।यदि चाहें, मैं इसे दैनिक जागरण, प्रभात खबर या हिंदुस्तान की समाचार-शैली में भी तैयार कर सकता हूँ।
