धनबाद: ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला पुलिस मुख्यालय में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और धनबाद पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पुलिस अधिकारियों को वित्तीय अपराधों की बदलती प्रकृति, जांच की आधुनिक तकनीकों और आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक ऋतविक श्रीवास्तव, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एस. मोहम्मद याकूब, सीसीआर डीएसपी प्रदीप कुमार साव समेत जिले के कई पुलिस पदाधिकारी तथा आरबीआई के अधिकारी मौजूद रहे।

एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस अपनी तकनीकी क्षमता बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि आरबीआई के सहयोग से आयोजित यह प्रशिक्षण वित्तीय अपराधों की जांच को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने में भी मददगार होगा।
प्रशिक्षण सत्र में रांची से आए आरबीआई के अधिकारियों उदिप्त प्रकाश और अश्वनि ने पुलिस अधिकारियों को आरबीआई की भूमिका, वित्तीय एवं उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े प्रावधानों, एनबीएफसी, अनिगमित निकायों तथा जमा स्वीकार करने वाली संस्थाओं के नियमों की जानकारी दी। साथ ही फर्जी निवेश योजनाओं और अवैध वित्तीय गतिविधियों के जरिए होने वाली ठगी की पहचान और रोकथाम के उपाय बताए।
शिविर में डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग स्कैम, मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम), इम्पर्सोनेशन, अवैध लोन ऐप और अन्य आधुनिक साइबर ठगी के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने इन मामलों की जांच प्रक्रिया, अपराधियों तक पहुंचने के तरीके तथा पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी सहायता की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम में आम लोगों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही लोगों से अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजनाओं और अवैध लोन ऐप से सतर्क रहने की अपील की गई।
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि इस प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ‘पुलिस की पाठशाला’ के तहत विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा सके।
