रांची : झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों को मिलने वाले विभिन्न भत्तों में वृद्धि की मांग को लेकर राज्य सरकार को पत्र भेजा है। एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव राकेश पांडे ने कहा है कि झारखंड पुलिस के जवान और अधिकारी कठिन परिस्थितियों में 24 घंटे ड्यूटी करते हैं, लेकिन उन्हें मिलने वाले भत्ते बेहद कम और पुराने हैं, जिससे पुलिसकर्मियों में असंतोष बढ़ रहा है।
पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में आरक्षी और हवलदार को 4 हजार रुपये तथा सब इंस्पेक्टर से पुलिस निरीक्षक स्तर तक 4500 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता मिलता है, जो मौजूदा समय में पर्याप्त नहीं है। एसोसिएशन ने इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष करने की मांग की है। इसके अलावा राशन भत्ता 2 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह, धुलाई भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1 हजार रुपये और विशेष कर्तव्य भत्ता सभी स्तर के पुलिसकर्मियों के लिए 1 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई गई है।
एसोसिएशन ने तकनीकी भत्ता, आरमोरर भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता और मेडल भत्ता लागू करने या बढ़ाने की भी मांग की है। साथ ही दो बच्चों के लिए शिक्षण भत्ता देने, आईआरबी बटालियन में कार्यरत कर्मियों की सेवा अवधि 20 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने तथा विशेष शाखा में कार्यरत पुलिस अवर निरीक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग भी की गई है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि पुलिसकर्मियों को समय पर प्रमोशन नहीं मिलने से मनोबल प्रभावित हो रहा है। कई कर्मी 20 से 25 वर्षों तक एक ही पद पर कार्य करने को मजबूर हैं। एसोसिएशन ने सरकार से रोस्टर प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र पदोन्नति देने की अपील की है।
ये है मांगे :
1.वर्दी भत्ता आरक्षी/हवलदार 4,000/- एवं स0अ0नि0/पु0अ0नि0/पु0नि0 4,500/- प्रतिवर्ष देय है. जबकि पुलिसकर्मियों को प्रतिवर्ष दो सेट टेरीकटन वर्दी, एक सेट ऊनी वर्दी, टोपी, बेल्ट, बैच, एवं जूता मोजा खरीदना पड़ता है. 4500 में ये सारी चीजें क्रय करना मुमकिन नहीं है. इसलिए वर्दी भत्ता बढ़ाकर 12,000/- प्रतिवर्ष किया जाए.
2. राशन भत्ता 2,000/- प्रति माह देय है. बढ़ती महंगाई के कारण राशन भत्ता 5000/- प्रति माह किया जाए.
3. विशेष कर्त्तव्य भत्ता आरक्षी/हव०- ₹65/- स०अ०नि०- ₹80/- पु०अ०नि०: ₹90/- पु०नि०: ₹100/- देय है. विशेष कर्तव्य भत्ता पुलिसकर्मियों को उनके 24 घंटा ड्यूटी पर बाध्यता के कारण उन्हें खास बनाती है. विशेष कर्तव्य भत्ता आरक्षी से पु०नि० तक ₹1,000/- प्रति माह किया जाए.
4. धुलाई भत्ता ₹100/- प्रति माह देय है, धुलाई भत्ता ₹1,000/- प्रति माह किया जाए.
5. दुरूह कार्य भत्ता 15% बेसिक का देने का प्रावधान है. चूंकि जो पुलिसकर्मी काफी दूर जंगल पहाड़ में प्रतिनियुक्त हैं, उनके लिए दिया जाता है, परन्तु इसका लाभ जिलों में पदस्थापित एवं प्रतिनियुक्त सभी पुलिसकर्मियों/पदाधिकारियों को नहीं मिल रहा है. दुरूह भत्ता सभी के लिए देय किया जाए.
6. तकनीकी भत्ता (वितंतु संवर्ग) स०अ०नि०: ₹45/-,पु०अ०नि०: ₹55/-, पु०नि०: ₹75/- प्रति माह देय है. तकनीकी भत्ता ₹3000/- प्रति माह किया जाए.
7. आरमोरर भत्ता (अस्त्र-शस्त्र के लिए) ₹40/- प्रति माह देय है. आरमोरर भत्ता ₹1,000/- प्रति माह किया जाए.
8. प्रशिक्षण भत्ता (प्रशिक्षण संस्थान के लिए) पुलिसकर्मी लगातार कार्यकुशलता के लिए झारखंड पुलिस के विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों में जाकर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं. प्रशिक्षण संस्थान में प्रतिनियुक्त पुलिस बलों के लिए 15% मूल वेतन का प्रशिक्षण भत्ता दिया जाए.
9. मेडल भत्ता-(केंद्र सरकार के द्वारा अर्धसैनिक बलों को मेडल भत्ता देने का प्रावधान है. राष्ट्रपति / मुख्यमंत्री / वीरता पुलिस पुरस्कार प्राप्त कर्मियों के लिए)- शून्य है. अपने उत्कृष्ट सेवा से मेडल पाने वाले पुलिसकर्मियों को मेडल भत्ता ₹3,000/- प्रति माह देय कर शौर्य का वास्तविक सम्मान किया जाए.
10. शिक्षण भत्ता (दो बच्चों के लिए)- शून्य केंद्र सरकार के कर्मियों के अनुरूप या ₹2,500/- प्रति माह किया जाए.
आईआरबी बटालियन मैं बहाल कर्मियों पर उनके अस्तित्व का ही खतरा मंडरा रहा है. 20 साल की सेवा अवधि को 60 वर्षों में विस्तार किया जाए.
11. विशेष शाखा में बहाल 18 बैच के पुलिस अवर निरीक्षक के क्लोज कैडर की समस्या का निराकरण जल्द से जल्द किया जाए.
12. झारखंड पुलिस के आरक्षी से पुलिस निरीक्षक स्तर तक के कर्मियों का प्रमोशन एक जटिल समस्या के रूप में उभरा है. 20 और 25 साल तक एक ही पद में सेवा देने के बाद भी एक प्रमोशन के लिए आज भी जद्दोजहद करना पड़ रहा है. जल्द रोस्टर की प्रक्रिया पूरी कर सभी स्तर के पुलिसकर्मियों को प्रमोशन का लाभ दिया जाए.
पुलिस एसोसिएशन ने दावा किया है कि पिछले छह वर्षों से सरकार के समक्ष इन मांगों को रखा जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी बीच पुलिसकर्मियों की मांगों को लेकर “वर्दी भत्ता दिला देहू हुजूर” नामक गीत भी जारी किया गया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
